खुदरा दुकानदार द्वारा इको के एईपीएस (AePS) सेवा लेबे के बारे में सोच-विचार करे के 8 गो कारण

खुदरा दुकानदारी, खासकर भारत के शहरी इलाकन में ऑनलाइन कॉमर्स के तगड़ा होखत जा रहला के चलते बहुत टेढ़ काम हो गइल बा। भारत के देहाती इलाकन में अभियो बहुत अइसन जगह बा जहां बैंकिंग के सुविधा नइखे। अइसना में, एईपीएस (AePS) छोट-मोट खुदरा दुकानदार लोगन के स्‍टोर में मिनी बैंकिंग सर्विसेज शुरू कइ के ऊ लोगन के आमदनी आ ग्राहक बढ़ावे में मदद कर सकत बा। 98% से जादा जनसंख्‍या के पास आधार कार्ड बा आ ओकरा में से 30% लोग आधार कार्ड के अपना बैंक अकाउंट से लिंक कर चुकल बाड़न। एह से, ग्राहक लोगन खातिर आसानी से डिजिटल भुगतान करे के सुविधा उपलब्‍ध करवला से ऊ लोग के अउरी जादा सहूलियत होखी। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (भारतीय राष्‍ट्रीय भुगतान निगम) के मुताबिक, अभी जवन महामारी आ लॉकडान के स्थिति चल रहल बा, ओकरा में डिजिटल मनी ट्रांसफर 40% बढ़ल बा। हमनीं के उम्‍मीद बा कि आवे वाला महीनन में ई बढि़ के 50% तक हो जाई।

आधार से जुड़ल पेमेंट सिस्‍टम, खुदरा दुकानदार लोगन खातिर पइसा लेबे-देबे के सुरक्षित तरीका बा, जवना से ऊ दुकानदार बायोमेट्रिक मशीन व एईपीएस (AePS) सर्विस रजिस्‍ट्रेशन के जरिए अपना रेगुलर ग्राहक आ लोकल लोगन के एटीएम सेवा प्रदान कर सकत बाड़न। एह सेवा के लाभ लेबे खातिर ग्राहक आ लोकल लोग के पास मान्‍य आधार कार्ड होखे के चाहीं जवन बैंक खाता से जोड़ल गइल होखे।  

छोट होखे चाहें बड़, अब जादा से जादा बिजनेस डिजिटल पर जोर दे रहल बा, एह चलते खुदरा क्षेत्र के सामने आपन दुकान आ दुकानदारी बचावे रखला के चुनौती खड़ा हो रहल बा। मजेदार बात त ई बा कि किराना के दुकान, दवाई के दुकान, मोबाइल रिचार्ज आ बिजली के दुकान आदि जइसन अधिकांश खुदरा दुकानन के शहरी क्षेत्रन में अइसन चुनौती के सामना करे के पड़ रहल बा। एकरा उल्‍टा, भारत के देहाती इलाकन में अभी भी रोजाना के खरीदारी पुरनके इस्‍टाइल में चलि रहल बा। जदी रउवा खुदरा दुकानदार बानीं, त रउवा इको एईपीएस (AePS) सेवा दे के आपन आमदनी आ ग्राहक बढ़ा सकत बानीं। जदी रउवा एईपीएस से अनजान बानीं, त सबसे पहिले, एहिजा तनी एकरा के जानि लिहल जरूरी बा।    

एईपीएस (AePS) का ?

एईपीएस (AePS) या आधार एनेबल्‍ड पेमेंट सिस्‍टम पइसा भुगतान करे के एगो तरीका ह, जवन नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा उपलब्‍ध करावल जाला। एह तरीका के उपयोग कइ के, यूजर यानि कि उपयोगकर्ता अपना आधार कार्ड के जरिए नकद आ बैंक से जुड़ल लेन-देन कर सकेला आ एकरा खातिर डेबिट कार्ड के भी कवनो जरूरत नइखे।  

एईपीएस (AePS) से का फायदा बा?

भारत के कवनो भी निवासी, जेकरा पास सही आधार कार्ड बा आ ऊ बैंक खाता से लिंक बा, नीचे बतावल गइल तरीका से एईपीएस (AePS) सेवा के लाभ ले सकत बा:

  • अपना आधार कार्ड के इस्‍तेमाल कइ के अपना बैंक खाता से नकद पइसा निकाल आ जमा कर सकत बा
  • बिना डेबिट/क्रेडिट कार्ड के इस्‍तेमाल कइले बैंक खाता से पइसा ट्रांसफर कर सकत बा
  • अइसन कवनो दोसरा आदमी के नकद पइसा ट्रांसफर कर सकत बा, जेकरा पासे बैंक खाता होखे
  • बैंक खाता के शेष राशि चेक कइल जा सकत बा
  • एकरा से ऑनलाइन शॉपिंग और यूटिलिटी बिल के भुगतान कइल जा सकत बा

खुदरा दुकानदार द्वारा एईपीएस सेवा काहें सब्‍सक्राइब कइल जाउ?

एईपीएस (AePS), भुगतान खातिर सबसे आसान तरीका बा आ एकरा खातिर दुकानदार के बायोमेट्रिक मशीन खरीदला के अलावा कवनो भी पइसा नइखे देबे के। खुदरा दुकानदार द्वारा कहीं भी सेवा देबे खातिर एकर इस्‍तेमाल कइल जा सकत बा। एही से, खुदरा दुकानदार के चाहीं कि ऊ अपना दुकान में एईपीएस सेवा देबे के प्राथमिकता देउ:

  • सुरक्षित आ संरक्षित डिजिटल भुगतान
  • कवनो भी बैंक खातिर एकर इस्‍तेमाल हो सकत बा
  • वित्‍तीय समावेशन में सहायक आ बिना बैंकिंग सेवा वाला क्षेत्र में बैंकिंग सेवा देबे में मददगार
  • एकरा से बिना कवनो कार्ड के नकद आ बैंक ट्रांसफर हो सकता बा
  • एकरा से दोसर यूटिलिटी सेवा खातिर भी भुगतान कइल जा सकत बा
  • देहाती क्षेत्र के ग्राहक अपना जन धन खाता से आपन डाइरेक्‍ट बेनफिट ट्रांसफर निकाल सकत बा

ई कइसे काम करे ला?

एईपीएस (AePS) एजेंट चाहे खुदरा दुकानदार जे एनपीसीआई द्वारा मान्‍यता-प्राप्‍त लाइसेंसशुदा एईपीएस सेवा प्रदाता कीहां पंजीकृत बा, ऊ पीओएस, वेब चाहे मोबाइल ऐप्‍प, आईआईएन चाहे बैंक द्वारा दिहल गइल इश्‍यूअर्स आइडेंटिफिकेशन नंबर, आधार नंबर आ बायोमेट्रिक या फिंगरप्रिंट से ट्रांजेक्‍शन कर सकत बा।

खुदरा दुकानदार द्वारा इको के एईपीएस सेवा लेबे के बारे में सोच-विचार करे के 8 गो कारण

इको के एईपीएस सेवा प्रदाता रिटेलर (खुदरा दुकानदार) के रूप में पंजीकरण कइला के बाद, रउवा मुख्‍य रूप से जवन फायदा होई ओकरा बारे में नीचे दिहल गइल बा:

  • एईपीएस (AePS) ट्रांजेक्‍शंस पर कमीशन के रूप में बढि़या आमदनी करि सकत बानीं
  • एडवांस्‍ड तकनीक आ सुरक्षा के साथ सफल ट्रांजेक्‍शन के सबसे बढि़या दर
  • तुरंत पइसा ट्रांसफर हो जाई
  • दुकान में आवे वाला ग्राहक के संख्‍या बढ़ी, काहें कि जादा से जादा लोगन के मुख्‍य बिजनेस के अलावा अलग से उपलब्‍ध करावल जा रहल सेवा के लाभ मिल सकेला
  • ई-वैलेट के उपयोग कइ के कवनो दोसर डिजिटल भुगतान सेवा भी दिहल जा सकत बा
  • रिटेलर (खुदरा दुकानदार), इको द्वारा उपलब्‍ध करावल जाये वाला भारत-नेपाल आ दोसर डिजिटल सेवा खातिर भी आसानी से अपग्रेड कर सकेलन
  • इको द्वारा ऑनलाइन खरीदारी आ अलग-अलग तरह के यूटिलिटी भुगतान सेवा के लाभ भी लिहल जा सकेला
  • इको इंडिया द्वारा उपलब्‍ध करावल जाये वाला लोन आ दोसर फाइनेंशियल सेवा के आसानी से लाभ लिहल जा सकेला

इको एईपीएस (AePS) खातिर पंजीकरण करे में रउवा कवन-कवन कागजात देबे के होई?

इको के आधार एनेबल्‍ड पेमेंट सर्विसेज खातिर पंजीकरण बहुते आसान बा। एकर पंजीकरण के तरीका ओइसने बा जइसन अधिकांश डिजिटल भुगतान सिस्‍टम्‍स या बैंक के बा। जदी कवनो रिटेलर एईपीएस सेवा उपलब्‍ध करावल चाहत बा, त उनकरा कुछ जरूरी जानकारी देबे के होई, जवना बारे में नीचे बतावल बा:

  • ईमेल आईडी
  • मोबाइल नंबर
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट आकार के फोटो

ई सभी जानकारी के उपयोग कइ के, रिटेलर द्वारा सीधे इको कनेक्‍ट डाउनलोड कइल जा सकेला आ आपन पंजीकरण कइल जा सकेला। ई मये जानकारी अपलोड हो गइला पर एकर सत्‍यापन हो गइला के बाद, रिटेलर इको कनेक्‍ट में आपन बायोमेट्रिक डिवाइस आईडी पंजीकृत करि सकेलन आ अपना ग्राहक के एईपीएस सेवा दिहल शुरू करि सकेलन।

तब, फेरु रउवा कवना बात के इंतजार बा? इको के एईपीएस (AePS) से जादा कमाई के आपन रास्‍ता खोलीं। इको कनेक्‍ट डाउनलोड करीं आ तुरंत पंजीकरण करीं अउरी आपन ग्राहक के एईपीएस सेवा दिहल शुरू कर दीं। अउरी जादा जानकारी खातिर, किरपा कइ के 8448444380 पर कॉल करीं चाहे https://eko.in/products/aadhaar-banking पर जाईं।